Apathit Hindi Gadyansh for UP PET

अपठित हिन्दी गद्यांश का विवेचन एवं विश्लेषण  (Hindi passage) Apathit Hindi Gadyansh MCQs for UP PET Exam 2025-2026. एग्जाम में 02 गद्यांश (प्रत्येक पर 05 प्रश्न), कुल 10 अंक के पूछे जाते है l हम यहाँ प्रैक्टिस के लिए 6 गद्यांश और 30 प्रश्न दे रहे है :

Apathit Hindi Gadyansh

प्रश्न : 1-5 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

आदिम आर्य घुमक्कड़ ही थे। यहाँ से वहाँ वे घूमते ही रहते थे। घूमते भटकते ही वे भारत पहुँचे थे। यदि घुमक्कड़ी का बाना उन्होंने न धारण किया होता, यदि वे एक स्थान पर ही रहते, तो आज भारत में उनके वंशज न होते। भगवान बुद्ध घुमक्कड़ तथा भगवान महावीर घुमक्कड़ थे। वर्षा-ऋतु के कुछ महीनों को छोड़कर एक स्थान में रहना बुद्ध के वश का नहीं था। 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बुद्धत्व प्राप्त किया। 35 वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक जब उनकी मृत्यु हुई, 45 वर्ष तक वे निरन्तर घूमते ही रहे। अपने आपको समाज सेवा और धर्म प्रचार में लगाए रहे। अपने शिष्यों से उन्होंने कहा था ‘चरथ भिक्खने चारिक’ हे भिक्षुओं। घुमक्कड़ी करो यद्यपि बुद्ध कभी भारत के बाहर नहीं गए, किन्तु उनके शिष्यों ने उनके वचनों को सिर आँखों पर लिया और पूर्व में जापान, उत्तर में मंगोलिया, पश्चिम में मकदूनिया और दक्षिण में बाली द्वीप तक धावा मारा। श्रावण महावीर ने स्वच्छन्द विचरण के लिए अपने वस्त्रों तक को त्याग दिया। । दिशाओं को उन्होंने अपना अम्बर बना लिया, वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया। जीवनपर्यन्त घूमते रहे। मानव के कल्याण के लिए मानवों के राह प्रदर्शन के लिए और शंकराचार्य बाहर वर्ष की अवस्था में संन्यास लेकर कभी केरल, कभी मिथिला, कभी कश्मीर और कभी बद्रिकाश्रम में घूमते रहे। कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक समस्त भारत को अपना कर्मक्षेत्र समझा। सांस्कृतिक एकता के लिए, समन्वय के लिए, श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म का उत्थान हो सका।

प्रश्न 1 : घुमक्कड़ शब्द में कौन सा प्रत्यय हैं ?

A) कड़
B) ड़
C) अड़
D) अक्कड़

प्रश्न 2 : महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था ?

A) पारसौली
B) कुशीनगर
C) वैशाली
D) पावापुरी

प्रश्न 3 : स्वच्छन्द में कौन – सी संधि हैं ?

A) व्यंजन
B) गुण
C) दीर्घ
D) विसर्ग

प्रश्न 4 : महात्मा बुद्ध ने जब बुद्धत्व प्राप्त किया तब उनकी अवस्था कितनी थी ?

A) 80 वर्ष
B) 45 वर्ष
C) 35 वर्ष
D) 12 वर्ष

प्रश्न 5 : “श्रुति धर्म ” का क्या अर्थ हैं ?

A) वैदिक धर्म
B) मुस्लिम धर्म
C) बौद्ध धर्म
D) जैन धर्म

Apathit Hindi Gadyansh for UP PET

प्रश्न : 6-10 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

सुख विश्वास से उत्पन्न होता है। सुख जड़ता से भी उत्पन्न होता है। पुराने जमाने के लोग सुखी इसलिए थे कि ईश्वर की सत्ता में उन्हें विश्वास था। उस जमाने के नमूने आज भी हैं, मगर वे महानगरों में कम मिलते हैं। उनका जमघट गाँवों, कस्बों या छोटे-छोटे नगरों में है। इनके बहुत अधिक असंतुष्ट न होने का कारण यह है कि जो चीज़ उनके बस में नहीं है, उसे वे अदृश्य की इच्छा पर छोड़कर निश्चित हो जाते हैं। इसी प्रकार सुखी वे लोग भी होते हैं, जो सच्चे अर्थों में जड़तावादी हैं, क्योंकि उनकी आत्मा पर कठखोदी चिड़िया चोंच नहीं मारा करती, किंतु जो न जड़ता को स्वीकार करता है, न ईश्वर के अस्तित्व को तथा जो पूरे मन से न तो जड़ता का त्याग करता है और न ईश्वर के अस्तित्व का, असली वेदना उसी संदेहवादी मनुष्य की वेदना है। पश्चिम का आधुनिक बोध इसी पीड़ा से ग्रस्त है। वह न तो मनुष्य भैंस की तरह खा-पीकर संतुष्ट रह सकता है न अदृश्य का अवलंब लेकर चिंतामुक्त हो सकता है। इस अभागे मनुष्य के हाथ में न तो लोक रह गया है, न परलोक। लोक इसलिए नहीं कि वह भैंस बनकर जीने को तैयार नहीं है और परलोक इसलिए नहीं कि विज्ञान उसका समर्थन नहीं करता। निदान, संदेहवाद के झटके खाता हुआ यह आदमी दिन-रात व्याकुल रहता है और रह-रहकर आत्महत्या की कल्पना करके अपनी व्याकुलता का रेचन करता रहता है।

प्रश्न 6 : सुख किनसे उत्पन्न होता है?

A) विश्वास
B) जड़ता
C) (क) व (ख)
D) कोई नहीं

प्रश्न 7 : गाँवों में लोग असंतुष्ट नहीं हैं क्योंकि

A) वे अदृश्य पर अपनी चिंता छोड़ देते हैं।
B) उनके पास सभी सुविधाएँ हैं।
C) वे शक्तिशाली हैं।
D) कोई नहीं।

प्रश्न 8 :सुखी वे होते हैं जो

A) जड़ता को स्वीकार नहीं करते
B) ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करते
C) (क) व (ख)
D) कोई नहीं

प्रश्न 9 : पश्चिम का आधुनिक बोध किससे पीड़ित है?

A) संदेहवादी दृष्टि
B) आस्तिकवाद
C) अस्तित्ववाद
D) कोई नहीं

प्रश्न 10 :विश्वास’ का विलोम है?

A) अविश्वास
B) धोखा
C) भेदभाव
D) कोई नहीं

प्रश्न : 11-15 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

मानव जाति को अन्य जीवधारियों से अलग करके महत्त्व प्रदान करने वाला जो एकमात्र गुरु है, वह है उसकी विचार-शक्ति। मनुष्य के पास बुधि है, विवेक है, तर्कशक्ति है अर्थात उसके पास विचारों की अमूल्य पूँजी है। अपने सविचारों की नींव पर ही आज मानव ने अपनी श्रेष्ठता की स्थापना की है और मानव-सभ्यता का विशाल महल खड़ा किया है। यही कारण है कि विचारशील मनुष्य के पास जब सविचारों का अभाव रहता है तो उसका वह शून्य मानस कुविचारों से ग्रस्त होकर एक प्रकार से शैतान के वशीभूत हो जाता है। मानवी बुधि जब सद्भावों से प्रेरित होकर कल्याणकारी योजनाओं में प्रवृत्त रहती है तो उसकी सदाशयता का कोई अंत नहीं होता, किंतु जब वहाँ कुविचार अपना घर बना लेते हैं तो उसकी पाशविक प्रवृत्तियाँ उस पर हावी हो उठती हैं। हिंसा और पापाचार का दानवी साम्राज्य इस बात का द्योतक है कि मानव की विचार-शक्ति, जो उसे पशु बनने से रोकती है, उसका साथ देती है।

प्रश्न 11 : मानव जाति को महत्त्व देने में किसका योगदान है?

A) शारीरिक शक्ति का
B) परिश्रम और उत्साह क
C) विवेक और विचारों का
D) मानव सभ्यता का

प्रश्न 12 :विचारों की पूँजी में शामिल नहीं है ?

A) उत्साह
B) विवेक
C) तर्क
D) बुधि

प्रश्न 13 :मानव में पाशविक प्रवृत्तियाँ क्यों जागृत होती हैं?

A) हिंसाबुधि के कारण
B) असत्य बोलने के कार
C) कुविचारों के कारण
D) स्वार्थ के कारण

प्रश्न 14 : “मनुष्य के पास बुधि है, विवेक है, तर्कशक्ति है” रचना की दृष्टि से उपर्युक्त वाक्य है ?

A) सरल
B) संयुक्त
C) मिश्र
D) जटिल

प्रश्न 15 : गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है?

A) मनुष्य का गुरु
B) विवेक शक्ति
C) दानवी शक्ति
D) पाशविक प्रवृत्ति

प्रश्न : 16-20 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

मानव जीवन में कुछ महान कर पाने की अदम्य लालसा ही महत्वाकांक्षा है। इस लालसा की पूर्ति का मार्ग परस्पर होड़ से जन्म लेता है। किसी अन्य से आगे बढ़ पाने को आकांक्षा बिना ‘अन्य’ के प्रति कठोर हुए नहीं पूर्ण की जा सकती। मनुष्य में आगे बढ़ने की जो भी स्वाभाविक इच्छा जन्म लेती है उसके साथ अप्रत्यक्ष रूप से अन्य मानवों को पीछे छोड़ने की अदृश्य इच्छा भी जुड़ी रहती है। यदि सहृदय होकर इस पर विचार किया जाए तो इस प्रकार की समस्त प्रतिद्वं‌द्विता निष्ठुरता है दूसरे के प्रति निर्ममता है किंतु महानता को पाने के लिए यह निर्ममता या निष्ठुरता एक अनिवार्य दुर्गुण है। इसके अभाव में उस निष्ठा संकल्प या दृढ़ता की कल्पना नहीं को जा सकती जो मनुष्य को आगे बढ़कर अनछुई ऊँचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करती है।

प्रश्न 16 : मनुष्य में महत्वाकांक्षा क्यों होती है ?

A) स्वयं को सर्वश्रेष्ठ बनाने को लालसा से
B) दूसरों को पीछे छोड़ देने की ललक से
C) एक दूसरे से आगे बढ़ने को भावना से
D) दूसरों से ईर्ष्या करने के कारण

प्रश्न 17 :महत्वाकांक्षा क्या है?

A) महत्वपूर्ण आकांक्षा
B) जो आकांक्षा दूसरों के लिए की जाती है
C) जीवन में महान कार्य करने की इच्छा
D) जिस आकांक्षा या इच्छा का कोई महत्व न हो

प्रश्न 18 : दुर्गुण होते हुए भी निर्ममता को जरूरी माना गया है-

A) शत्रु से टक्कर लेने के लिए
B) महत्वाकांक्षा के लिए
C) महान बनने के लिए
D) लालसा की पूर्ति के लिए

प्रश्न 19 : गद्यांश का शीर्षक हो सकता है-

A) निष्ठुरता
B) लालसा
C) महत्वाकांक्षा
D) आकांक्षा

प्रश्न 20 : ‘ऊँचाइयों को छूने’ के लिए प्रेरक गुण है-

A) दृढ़ संकल्प
B) निर्ममता
C) महत्वाकांक्षा
D) कल्पनाशीलता

प्रश्न : 21-25 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

मनुष्य जन्म से ही अहंकार का इतना विशाल बोझ लेकर आता है कि उसकी दृष्टि सदैव दूसरों की बुराइयों पर हो टिकती है। आत्मनिरीक्षण को भुलाकर साधारण मानव केवल परछिद्रान्वेषण में ही अपना जीवन बिताना चाहता है। इसके मूल में उसकी ईष्यों को दाहक दुष्प्रवृत्ति कार्यशील रहती है। दूसरे को सहज उन्नति को वह अपनी ईष्यों के वशीभूत होकर पचा नहीं पाता और उसके गुणों को अनदेखा करके केवल दोषों और दुर्गुणों को हो प्रचारित करने लगता है। इस प्रक्रिया में वह इस तथ्य को भी विस्मृत कर बैठता है कि ईर्ष्या का दाहक स्वरूप स्वय उसके समय स्वास्थ्य और सद्वृत्तियों के लिए कितना विनाशकारी सिद्ध हो रहा है। परनिंदा को हमारे शास्त्रों में पाप बताया गया है। वास्तव में मनुष्य अपनी न्यूनताओं अपने दुर्गुणों की ओर दृष्टि उठाकर देखना भी नहीं चाहता क्योंकि स्वय को पहचानने की यह प्रक्रिया उसके लिए बहुत कष्टकारी है।

प्रश्न 21 : अहंकार के कारण मनुष्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

A) वह अपने को सर्वश्रेष्ठ समझता है।
B) उसकी बात सभी मानते हैं।
C) वह दूसरों के दोष देखता रहता है।
D) वह अपने गुणों का बखान करता है।

प्रश्न 22 : दूसरों की उन्नति को मनुष्य क्यों नहीं देखना चाहता?

A) स्वय धनवान होने के कारण
B) अपने बड़प्पन के कारण
C) स्वयं गुणी होने के कारण
D) ईष्यां भाव के कारण

प्रश्न 23 : स्वास्थ्य और सदाचार नष्ट हो जाते हैं-

A) ईष्यों के वश में होने पर
B) क्रोध के वश में होने पर
C) स्वास्थ्य के नियमों का पालन न करने पर
D) अनैतिक कार्य करने पर

प्रश्न 24 : अहंकार दूर करने के लिए जरूरी है-

A) मन को शांत रखना
B) आत्मनिरीक्षण करना
C) परछिद्रान्वेषण से बचना
D) निरंतर चिंतन-मनन करना

प्रश्न 25 : गद्यांश में किस-किस उपसर्ग से बने शब्दों की अधिकता है?

A) पर
B) दुर्
C) सद्
D) अहं

अपठित हिन्दी गद्यांश

प्रश्न : 26-30 दिए गये गद्यांश को पढकर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

मै उस हिमालय पर घूमता रहा जिसका पुराने मिथकों और दंतकथाओं के साथ निकट संबंध है और जिसने हमारे विचारों और साहित्य को बहुत दूर तक प्रभावित किया है। पहाड़ों के प्रति मेरे प्रेम ने और कश्मीर के साथ मेरे खून के रिश्ते ने मुझे उनकी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया। इस महान पर्वत से निकलकर भारत के मैदानों में बहने वाली भारत की विशाल नदियों ने मुझे आकर्षित किया और इतिहास के अनगिनत पहलुओं की याद ताजा की। इंडस या सिंधु, जिसके आधार पर हमारे इस देश का नाम पड़ा ‘इंडिया’ और ‘हिंदुस्तान’, और जिसे पार करके हज़ारों वर्षों से यहाँ जातियाँ और कबीले, काफ़िले और फ़ौजें आती रही हैं। ब्रह्मपुत्र… इतिहास की मुख्यधारा से लगभग कटी हुई, पर पुरानी कहानियों में आज भी जीवित, उत्तरपूर्वी पहाड़ियों के हृदय में पड़ी गहरी दरारों के बीच से बरबस मार्ग बनाती हुई भारत में प्रवेश करती है और फिर पहाड़ों और जंगलों से भरे मैदान के बीच शांत रमणीय धारा के रूप में बहने लगती है। यमुना, जिसके चारों ओर नृत्य, उत्सव और नाटक से संबद्ध न जाने कितनी पौराणिक कथाएँ एकत्र हैं। इन सबसे बढ़कर है, भारत की नदी गंगा, जिसने इतिहास के आंरभ से ही भारत के हृदय पर राज किया है और लाखों की तादाद में लोगों को अपने तटों की ओर खींचा है। प्राचीन काल से आधुनिक युग तक, गंगा की गाथा भारत की सभ्यता और संस्कृति की कहानी है।

प्रश्न 26 : गद्यांश के अनुसार, भारत का नाम ‘इंडिया’ और ‘हिंदुस्तान’ किस नदी के आधार पर पड़ा है?

A) यमुना
B) ब्रह्मपुत्र
C) सिंधु
D) गंगा

प्रश्न 27 : गद्यांश में किस नदी को इतिहास की मुख्यधारा से लगभग कटी हुई कहा गया है?

A) यमुना
B) गंगा
C) ब्रह्मपुत्र
D) सिंधु

प्रश्न 28 : गद्यांश में किस नदी को ‘भारत के हृदय पर राज करने वाली’ कहा गया है?

A) यमुना
B) गंगा
C) सिंधु
D) ब्रह्मपुत्र

प्रश्न 29 : गद्यांश के अनुसार, यमुना नदी के चारों ओर किस प्रकार की कथाएँ एकत्र हैं?

A) ऐतिहासिक
B) पौराणिक
C) आध्यात्मिक
D) भौगोलिक

प्रश्न 30 : गद्यांश में किस पर्वत को पुराने मिथकों और दंतकथाओं के साथ निकट संबंध वाला बताया गया है?

A) अलेक्ज़ेंडर पर्वत
B) आल्प्स पर्वत
C) हिमालय
D) एंडीज पर्वत

Thanks for attempt Apathit Hindi Gadyansh for UP PET Exam.

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